लंदन, पाकिस्तान ने एक बार फिर मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को गिरफ्तार नहीं करने पर पर्याप्त सबूत नहीं होने का रोना रोया है जबकि भारत सईद के नवंबर 2008 के आतंकी हमले में संलिप्तता के सबूत दे चुका है।
ब्रिटेन के दौरे पर आए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा है कि लश्कर ए ताइबा के संस्थापक सईद को गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को पकड़ भी लिया जाता है तो वह अदालतों से रिहा हो जाएगा।
लश्कर और जमात उद दावा प्रमुख सईद पाकिस्तान में बेखौफ खुलेआम घूम-घूम कर भारत विरोधी रैलियां कर रहा है। गिलानी ने लंदन में डेली टेलीग्राफ को बताया कि सईद की गिरफ्तारी के लिए सबूत अपर्याप्त हैं।
यदि उसे गिरफ्तार भी किया जाता है तो इसका मतलब होगा कि वह अदालतों से रिहा कर दिया जाएगा। अदालत में आपको अधिक सबूतों की जरूरत होती है। गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान की न्यायपालिका पूरी तरह से स्वतंत्र है। अमेरिका ने हाल ही में सईद के खिलाफ सबूत देने वाले को 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर देने की घोषणा की थी।
इसके साथ गिलानी ने अल कायदा के नए सरगना अयमान अल जवाहिरी के पाकिस्तान में होने संबंधी रिपोर्टों को भी खारिज किया है। उन्होंने कहा कि मुझे यह क्यों सोचना चाहिए कि जवाहिरी पाक में है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के करीबी सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें एक साथ काम करना चाहिए और यदि उनके पास कोई विश्वसनीय और कार्रवाई लायक जानकारी हो तो उसे हमारे साथ शेयर करें ताकि हम उसे पकड़ सकें।
अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने हाल ही में कहा था कि जवाहिरी पाकिस्तान में है। गिलानी ने अगले साल होने वाले आम चुनाव में क्रिकेटर से राजनीति में आए इमरान खान से चुनौती मिलने से इनकार कर दिया।
कौन है हाफिज सईद
आतंकी संगठन लश्कर ए ताइबा का संस्थापक और जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद पर 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकी हमलों की साजिश का आरोप है। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे। सईद अपने भारत विरोधी बयानों के लिए अकसर चर्चा में रहता है।





