पूर्वी दिल्ली :पुलिस के तमाम दावों और सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए अपराधियों ने राजधानी को फिर शर्मसार कर दिया। बीते दिनों सामूहिक दुष्कर्म की घटनाओं से आलोचनाएं झेल रही दिल्ली पुलिस ने योजना बनाने एवं बयान जारी करने से अधिक कुछ नहीं किया है। अपराधियों ने इस बार एक नाबालिग छात्रा को अपनी हैवानियत का शिकार बनाया है। मामला कल्याणपुरी इलाके का है।कल्याणपुरी में मंगलवार को नाबालिग छात्रा के साथ पड़ोसी युवकों ने दुष्कर्म किया। क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए आरोपियों ने न केवल छात्रा की पिटाई की, बल्कि किसी से कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, अपनी फजीहत से बचने के लिए पुलिस ने मामले को मीडिया से छिपाने की भरसक कोशिश की।
कल्याणपुरी में परिजनों के साथ रहने वाली 15 वर्षीय लड़की आठवीं कक्षा में पढ़ती है। मंगलवार को वह स्कूल से निकली थी कि उसके पड़ोस में रहने वाले युवक विकास उर्फ राजा उसके पास आया। वह उसे बहला-फुसलाकर कल्याणवास आवासीय कॉलोनी में खंडहर बन चुके भवन में ले गया। वहां अन्य युवक सुधीर मौजूद था। दोनों ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और विरोध करने पर पिटाई भी की। इसके बाद किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी और फरार हो गए। वहां से छात्रा किसी तरह घर पहुंची, लेकिन डर से उसने परिजनों को कुछ नहीं बताया। बुधवार को उसने परिजनों को आपबीती सुनाई, इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने छात्रा का चिकित्सीय जांच कराई, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि होने पर मामला दर्ज कर लिया। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त हो गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए छापेमारी कर दुष्कर्म के आरोपी विकास और सुधीर को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों युवकों की उम्र 21 वर्ष के आसपास है। इसके बाद भी पुलिस अधिकारियों ने मामले को मीडिया से दूर रखने की कोशिश की। पता चलने के बाद भी आरोपी दोनों युवकों के बारे में पूरी जानकारी देने से मना कर दिया।
पुलिस के पास इस बात का भी जवाब नहीं था कि आखिर मामले को मीडिया के सामने क्यों नहीं लाया गया? पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजधानी में अपराध के बढ़ते मामलों और सामूहिक दुष्कर्म के कई मामले सामने आने से पुलिस का काफी किरकिरी हो चुकी है। पुलिस इनमें से कई मामलों का खुलासा करने में कामयाब तो रही है लेकिन इन पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रही है। ऐसे में फिर इस मामले के सामने से उनकी परेशानी और बढ़ जाती। इसी को ध्यान में रखकर मामले को मीडिया से दूर रखने का प्रयास किया गया।




