नई दिल्ली, काग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में हार की वजह उम्मीदवारों का गलत चयन को माना है। पाच राज्यों में विधानसभा चुनाव परिणामों पर चर्चा के लिए बुधवार को पार्टी के महासचिवों तथा पदाधिकारियों के साथ एक बैठक की। हालांकि इस बैठक से राहुल गांधी नदारद रहे।
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सोनिया गांधी ने कहा सपा को यूपी में जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में हार के पीछे गलत उम्मीदवारों का चयन भी एक कारण बना। उन्होंने महंगाई को भी हार का एक कारण माना। उन्होंने कहा कि यूपी में संगठन के बुनियादी ढ़ांचे में कमजोरी बनी रही जिसको आने वाले समय में सुधारा जाएगा। उन्होंने कहा कि यूपी में बयानबाजी के लिए नेताओं से वार्ता की गई थी। सोनिया गांधी ने कहा कि हर चुनाव में हमेशा कांग्रेस को सीखने को मिला है। पंजाब में नुकसान के लिए उन्होंने कहा कि पीपीपी ने कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है।
इस बैठक के बाद सोनिया ने पांचों राज्यों के प्रभारी महासचिवों से चुनाव परिणामों पर चर्चा की। काग्रेस महासचिव एवं उत्तर प्रदेश के प्रभारी दिग्विजय सिंह, उत्तराखंड के प्रभारी चौधरी वीरेंद्र सिंह, पंजाब के प्रभारी गुलचैन सिंह चरक, गोवा के प्रभारी जगमीत सिंह बरार और मणिपुर के प्रभारी लुई जिन्हो फलेरियो सोनिया के साथ बैठक में मौजूद थे।
कांग्रेस को उम्मीद थी कि वह शिरोमणि अकाली दल भाजपा गठबंधन से पंजाब को छीन लेगी , लेकिन उसका प्रदर्शन वहां भी निराशाजनक रहा। उत्तर प्रदेश में भी पार्टी पिछली बार के मुकाबले केवल छह सीटें अधिक हासिल कर पाई। 2007 में इसे 22 सीटें मिली थीं और इस बार उसे 28 सीटें मिली हैं।
पार्टी ने दरअसल उत्तर प्रदेश को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना लिया था और राहुल गांधी तथा दिग्विजय सिंह ने आकड़े में सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए थे। राहुल गांधी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली थी।





