गोण्डा,कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम न्यायालय कक्ष पर रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए ११ बजे से मतदान शुरू हुआ। इस दौरान प्रेक्षक प्रभात कुमार सारंगी और जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी मधुकर द्विवेदी उपस्थित रहे। इस मौके पर सपा प्रत्याशी विजय लक्ष्मी सिंह और बसपा प्रत्याशी पूर्व विधायक रामपाल सिंह की पुत्रवधू व पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह भी मतदान कक्ष में मौजूद थीं। अपराह्न १.३० बजे तक सभी जिला पंचायत सदस्यों ने मतदान कर दिया था। अपराह्न ३.२० बजे मतगणना शुरू हुई। मताें की गिनती सिर्फ १० मिनट में ही पूरी हो गई। परिणाम के मुताबिक ५१ में से एक मतपत्र पर संबंधित जिला पंचायत सदस्य ने न केवल हस्ताक्षर किया था, बल्कि अपना नाम भी स्पष्ट लिख रखा था। प्रेक्षक की सहमति से उसे अवैध घोषित कर दिया। शेष ५० मतों में से विजय लक्ष्मी सिंह को ४० मत, जबकि प्रतिभा सिंह को १० मत मिले। जिला निर्वाचन अधिकारी मधुकर द्विवेदी ने सपा प्रत्याशी को जीत का प्रमाण-पत्र देकर उन्हें बधाई दी। इस मौके पर सहायक निर्वाचन अधिकारी व मुख्य राजस्व अधिकारी उदय शंकर उपाध्याय भी उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर पहली बार समाजवादी पार्टी का कब्जा हुआ है जिसमें सांसद बृजभूषण शरण सिंह की मुख्य भूमिका मानी जा रही है।विपरीत परिस्थितियों व सत्ता के विरुद्ध अब तक तीन बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अपनों को आसीन कराने वाले सांसद श्री सिंह इस चुनाव में भी किंग मेकर साबित हुए। रविवार को हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव का परिणाम आने के बाद पहली बार अध्यक्ष का पद सपा की झोली में आया है। समाजवादी पार्टी की एकजुटता अहम मानी जा रही है। वर्ष 2005 में हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में आज्ञाराम पासवान सपा के प्रत्याशी थे और बसपा ने अपना प्रत्याशी ज्ञानमती को घोषित किया था। उस समय प्रदेश में सपा की हुकूमत थी और जिले से दो राज्य मंत्री व राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त एक नेता थे। सभी विधानसभा सीटों पर सपा का कब्जा था। इन परिस्थितियों में तत्कालीन बलरामपुर के भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने गोण्डा के बसपा प्रत्याशी ज्ञानमती को अपना समर्थन देकर चुनाव लड़ाया और वह विजयी हुई।
वर्ष 1995 में एक पूर्व मंत्री की भाभी सपा से चुनाव लड़ी थीं, उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा था। उस समय भी उक्त सांसद के सिर जीत का सेहरा बंधा था। वर्ष 2000 के जिपं अध्यक्ष चुनाव में सपा ने करम अली को उतारा था लेकिन सांसद के समर्थक प्रत्याशी बृज किशोर को गद्दी मिली। लगातार तीन बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर अपनों को जीत दिलाने वाले सांसद बृज भूषण शरण सिंह एक बार फिर किंग मेकर साबित हुए और सत्ता पक्ष के उम्मीदवार को करारी शिकस्त मिली। अध्यक्ष पद पर सपा प्रत्याशी विजय लक्ष्मी सिंह के सिर सेहरा बंधा। सपा की यह पहली जीत है। इस बार सपा में रहकर इस अध्यक्ष पद को पार्टी की झोली में डालकर सांसद ने पार्टी मुखिया को तोहफा तो दिया ही, स्थानीय स्तर पर पार्टी में एकजुटता भी दिखी। यही नहीं, कैसर गंज के सांसद श्री सिंह ने गोण्डा में सपा का परचम लहराया ही बहराइच में भी जीत दिलाने में अहम भूमिका अदा की




