गोण्डा, तीन दशक से जनपद तथा गैर जनपद में आतंक का पर्याय बने गूंगीदीन-पाटनदीन गिरोह के शातिर बदमाश भीम धारुक को ग्रामीणों द्वारा पीटकर मार डालने से गिरोह मे हड़कम्प मच गया है। यह गिरोह अपराध की दुनिया में वर्षो से सक्रिय है।
स्थानीय थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत चरसड़ी के मजरा खालेपुरवा के निवासी गूंगीदीन, पाटनदीन, देवीदीन व पटमेश्वरी सिंह पुत्रगण भगौती सिंह अपराध जगत में काफी सक्रिय थे। वर्ष 1980 में पाटनदीन को धानेपुर पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। उसके बाद इस गिरोह की कमान गूंगीदीन सिंह ने संभाली। 1981 में गूंगीदीन को पुलिस ने परसपुर के बेलमत्थर गांव के पास मुठभेड़ में मार डाला। फिर गिरोह का दायित्व देवीदीन सिंह ने संभाला। 1983 में देवीदीन व उनके पिता भगौती सिंह को एक झगड़े में पट्टीदारों ने मार डाला। पटमेश्वरी सिंह नाबालिग था, इसलिए गिरोह की कमान राजापुर के ज्ञानचंद पासी को मिली। ज्ञानचंद पासी ने 2003 में बगल के गांव पूरे लाली पोखर के मजरा अकेले वीर निवासी लश्करी यादव की हत्या कर दी। लश्करी के मारे जाने से पुलिस की काफी थू-थू हुई।
फजीहत पर रौ में आई पुलिस सक्रिय हुई और 16 अक्टूबर को ज्ञानचंद गिरोह के ननकऊ पासी को परसपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष विजय बहादुर सिंह ने मुठभेड़ में मार गिराया। इससे इस गिरोह में डर समा गया। गिरोह के सदस्य दूसरे जिले में सक्रिय हो गए।
उधर पाटनदीन, देवीदीन आदि के मारे जाने व पासी गिरोह के गैर जिले में सक्रिय होने से इस गिरोह की कमान पाटनदीन के छोटे भाई पटमेश्वरी सिंह व भतीजे रमेश ने संभाली। इन बदमाशों ने अपने गिरोह को मजबूत बनाने के लिए गांव के अलावा गैर जिलों के लोगों को भर्ती किया। परसपुर के चंदापुर किटौली निवासी देवबक्स यादव सरयू-घाघरा की कटान में भूमिहीन हो गया। वह फैजाबाद जिले के रुदौली थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर के मजरा नियामतपुर में रहने लगा। उसी के पुत्र लहुरी का गुरुवार को गौना था। इस बात की जानकारी पटमेश्वरी सिंह गिरोह को हो गई। गिरोह ने रात में देवबक्स के घर पर धावा बोल दिया। बदमाश देवबक्स की मां सोनपती, पत्नी गुड़िया व बहन इतराजी, भाई मस्तराम व अमरेश को घायल नकदी व जेवरात लेकर भागने लगे। इस दौरान देवबक्स ने गुहार लगाई तो ग्रामीण टूट पड़े। एक डकैत पकड़ में आ गया जबकि तीन भाग गए। पकडे़ गए बदमाश की ग्रामीणों ने पेड़ में बांधकर पिटाई की। उसने अपना नाम भीम धारुक बताया जो खालेपुरवा राजापुर का निवासी है। उसी ने बताया कि भागने वालों में रमेश सिंह पुत्र देवीदीन सिंह, पटमेश्वरी सिंह पुत्र भगौती सिंह निवासीगण खालेपुरवा राजापुर तथा रामसागर यादव निवासी कोयलर माझा दरियाबाद जिला बाराबंकी शामिल हैं। पिटाई ज्यादा होने से उसकी मौके पर मौत हो गई। भीम धारुक के मारे जाने से पटमेश्वरी गिरोह भूमिगत हो गया है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि परसपुर थाने में रमेश व पटमेश्वरी हिस्ट्रीशीटर बदमाश हैं। तलाश तेज कर दी गई है। मारे गए बदमाश के बारे में बताया कि वह हाल ही में इस गिरोह से जुड़ा था।




