जोहांसबर्ग। टीम इंडिया के पूर्व कोच गैरी कस्टर्न इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज में टीम इंडिया के खराब प्रदर्शन से हैरान हैं, साथ ही टेस्ट में भारत के नंबर एक का ताज गंवाने से कस्टर्न दुखी और निराश हैं। कस्टर्न ने टीम इंडिया को टेस्ट में बेस्ट बनाने में अहम भूमिका निभाई साथ ही अपने कार्यकाल के दौरान टीम इंडिया को विश्व चैंपियन भी बनवाया।
दक्षिण अफ्रीका के मौजूदा कोच ने कहा, 'मैं परिणाम से थोड़ा हैरान हूं।' उन्होंने कहा, 'टीमों के उतार चढ़ाव को समझना हमेशा ही मुश्किल होता है। कहां फर्क पड़ता है, यह कहना अस्पष्ट है।' विश्व कप ट्राफी दिलाने के बाद भारत के कोचिंग पद से हटने वाले कस्टर्न ने स्वीकार किया कि लगातार शानदार प्रदर्शन बरकरार रखना हमेशा ही मुश्किल होता है। उन्हाेंने कहा, 'सफलता बरकरार रखना आसान नहीं है। शीर्ष पर पहुंचना और वहां बने रहना मुश्किल होता है। भारतीय टीम ने विश्व कप जीता जो उनके लिए शानदार था। इसके बाद उन्होंने वेस्टइंडीज का दौरा किया और कुछ चोटों के बाद मैच जीतने की भूख थोड़ी कम हो गई।' दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सलामी बल्लेबाज को लगता है कि नए कोच डंकन फ्लेचर के लिए टीम की संस्कृति के साथ तालमेल बिठाना जरूरी होगा। कस्टर्न ने कहा, 'जब भी नया कोच आता है तो उसके लिए महत्वपूर्ण होता है कि वह टीम की संस्कृति जानें।' मौजूदा भारतीय टीम, जो बदलाव के दौर से गुजर रही है, में कमियों के बारे में पूछने पर कस्टर्न ने कहा कि भारत को हमेशा से गेंदबाजी में अपनी सीमित क्षमता के बारे में पता था।
उन्होंने कहा, 'भारतीय क्रिकेट टीम शानदार है जिसका कप्तान बेहतरीन है और जिसमें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी क्रम है इसलिए वह नंबर एक थे लेकिन हम हमेशा ही जानते थे कि हमारी गेंदबाजी में थोड़ी कमी है और हम इस चीज से निपटना सीख गए थे।' हालांकि अनुभवी खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण अपने करियर के अंत की ओर हैं लेकिन कस्टर्न को लगता है कि जब तक वह अपने क्रिकेट का लुत्फ उठा रहे हैं, उन्हें खेलते रहना चाहिए। उन्होंने कहा, 'लोग कहते हैं कि इस तरह की अनुभवी टीम में हमें युवाओं को शामिल करने की कोशिश करनी चाहिए लेकिन मुझे लगता है कि जब तक अनुभवी खिलाड़ी इसमें मौजूद हैं और वह अपने खेल का लुत्फ उठा रहे हैं तथा अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं, तब तक उन्हें खेलते रहना चाहिए।'





