नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने नंद नगरी अग्निकाड में किन्नरों के सम्मेलन के आयोजकों के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है। उधर, इस हादसे में मरने वालों की संख्या 14 हो गई है। दिल्ली सरकार ने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को दो दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आयोजकों ने सम्मेलन के आयोजन के लिए पुलिस तथा दमकल विभाग से मंजूरी हासिल नहीं की थी और उनके खिलाफ मामला दायर किया गया है। बीती रात हुए इस हादसे में 14 किन्नर मारे गए। नंदनगरी के कम्युनिटी सेंटर में किन्नरों का एक सम्मेलन हो रहा था कि उसी दौरान वहा आग लग गई।
स्वास्थ्य मंत्री ए के वालिया के साथ घायलों का हालचाल जानने जीटीबी अस्पताल पहुंची मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि अग्निकाड में मारे गए लोगों के परिजनों को दो दो लाख रुपये का मुआवजा दिया किया जाएगा।
गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार जबकि मामूली रूप से घायलों को पाच पाच हजार रुपये की मुआवजा राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अस्पताल प्रशासन को घायलों की समुचित देखभाल के भी आदेश दिए। सूत्रों ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या यह शार्ट सर्किट के कारण रसोईघर में आग लगने का मामला प्रतीत होता है जिसके बाद आग बाहर भी फैल गई।
इस आग में कम्युनिटी सेंटर परिसर में लगाया गया टेंट पूरी तरह जलकर राख हो गया और पूरा परिसर लपटों से घिर गया। दिल्ली सरकार ने इस अग्निकाड की पूर्ण जाच के आदेश दिए हैं।
बिछड़े साथियों की तलाश कर रहे है:--
गुरु तेगबहादुर अस्पताल के बाहर रात से ही बैठे अखिल भारतीय किन्नर समाज के कई हिजड़ों को सोमवार को अपने समुदाय के गुमशुदा सदस्यों की तलाश है। एक दिन पहले रविवार को पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में एक सामुदायिक केंद्र के पंडाल में भीषण आग लगने से 14 लोगों की मौत हो गई थी और 33 घायल हो गए।





